"'जब तक हमारे लिए मजहब देश से बढ़कर रहेगा तब तक देश लूटता रहेगा"'
Wednesday, 23 July 2014
Sunday, 20 July 2014
अब एडेड स्कूलों की भर्ती प्रक्रिया होगी ऑनलाइन
भर्ती का विज्ञापन सरकारी साइट पर कराना होगा लोड
भर्ती का विज्ञापन सरकारी साइट पर कराना होगा लोड
लखनऊ। सरकारी स्कूलों के बाद अब सहायता प्राप्त स्कूलों की भर्ती प्रक्रिया भी ऑनलाइन करने की तैयारी है। स्कूल प्रबंधन रिक्त पदों के लिए जो भी विज्ञापन अखबारों में प्रकाशित कराएगा, उसे शिक्षा विभाग की सरकारी वेबसाइट पर डलवाना होगा। माध्यमिक शिक्षा विभाग ने इसके लिए अलग से वेबसाइट
http://schools.rmsa-up.in
तैयार कराई है। इसमें सरकारी, सहायता प्राप्त और वित्तविहीन स्कूलों का पूरा ब्यौरा एक क्लिक पर मिल जाएगा। इसका ट्रायल शुरू हो गया है। जल्द इसे पूरी तरह शुरू करने की तैयारी है। विभाग का मानना है कि ऑनलाइन ब्यौरा होने के बाद गड़बड़ी की आशंका कम हो जाएगी।
प्रदेश में 6,234 सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूल हैं। इसमें 1,608 इंटर कॉलेज और 4,626 सहायता प्राप्त हैं। सहायता प्राप्त इंटर कॉलेजों में संबद्ध प्राइमरी अनुभाग कक्षा 1 से 8 तक बच्चों को पढ़ाने के लिए शिक्षकों और कर्मचारियों को रखने का अधिकार स्कूल प्रबंधन के पास होता है। स्कूल प्रबंधन नियमों के मुताबिक भर्ती यदि करना चाहता है तो जिला विद्यालय निरीक्षक इसमें खामियां निकाल कर भर्तियां रोकने का प्रयास करते हैं। कभी-कभार तो यह भी होता है कि एक अधिकारी भर्तियों को अनुमोदित करके जाता है और दूसरा आकर उसे गलत बता देता है।
भर्तियों में धांधली की शिकायतें भी मिलती हैं। माध्यमिक शिक्षा विभाग चाहता है कि सहायता प्राप्त संबद्ध विद्यालयों में भर्ती की प्रक्रिया ऑनलाइन कर दी जाए। स्कूल प्रबंधन भर्ती के लिए जो भी विज्ञापन निकालेगा, उसे सरकारी वेबसाइट पर डाला जाएगा। आवेदनों की संख्या, साक्षात्कार की तिथि, चयन के बाद शिक्षकों व कर्मचारियों का ब्यौरा साइट पर डाला जाएगा।
http://schools.rmsa-up.in
तैयार कराई है। इसमें सरकारी, सहायता प्राप्त और वित्तविहीन स्कूलों का पूरा ब्यौरा एक क्लिक पर मिल जाएगा। इसका ट्रायल शुरू हो गया है। जल्द इसे पूरी तरह शुरू करने की तैयारी है। विभाग का मानना है कि ऑनलाइन ब्यौरा होने के बाद गड़बड़ी की आशंका कम हो जाएगी।
प्रदेश में 6,234 सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूल हैं। इसमें 1,608 इंटर कॉलेज और 4,626 सहायता प्राप्त हैं। सहायता प्राप्त इंटर कॉलेजों में संबद्ध प्राइमरी अनुभाग कक्षा 1 से 8 तक बच्चों को पढ़ाने के लिए शिक्षकों और कर्मचारियों को रखने का अधिकार स्कूल प्रबंधन के पास होता है। स्कूल प्रबंधन नियमों के मुताबिक भर्ती यदि करना चाहता है तो जिला विद्यालय निरीक्षक इसमें खामियां निकाल कर भर्तियां रोकने का प्रयास करते हैं। कभी-कभार तो यह भी होता है कि एक अधिकारी भर्तियों को अनुमोदित करके जाता है और दूसरा आकर उसे गलत बता देता है।
भर्तियों में धांधली की शिकायतें भी मिलती हैं। माध्यमिक शिक्षा विभाग चाहता है कि सहायता प्राप्त संबद्ध विद्यालयों में भर्ती की प्रक्रिया ऑनलाइन कर दी जाए। स्कूल प्रबंधन भर्ती के लिए जो भी विज्ञापन निकालेगा, उसे सरकारी वेबसाइट पर डाला जाएगा। आवेदनों की संख्या, साक्षात्कार की तिथि, चयन के बाद शिक्षकों व कर्मचारियों का ब्यौरा साइट पर डाला जाएगा।
अब उच्च स्तरीय सरकारी अमले के पगलाने का समय आ गया है।
अटार्नी जनरल आफ इंडिया के फोन ने सचिव के दिमाग को हाई टेंशन झटका दे दिया है। कि काउसिंलिंग करा लेना तभी मुझसे संपर्क करना , वरना अब मैं आपको नही बचा पांउगा ।
अटार्नी जनरल आफ इंडिया के फोन ने सचिव के दिमाग को हाई टेंशन झटका दे दिया है। कि काउसिंलिंग करा लेना तभी मुझसे संपर्क करना , वरना अब मैं आपको नही बचा पांउगा ।
आलम यह है कि महान नशेबाज कल से तीन बार डायमंड लाल को गाली गलौच भरा फोन कर चुके हैं । कि जल्दी कर , जल्दी कर , नही तो समझ ले
डायमंड लाल समझ गया है कि उन्हें सचिव की कुर्सी क्यों दी गयी , भर्ती नही शुरू हुई तो गया काम से , कोर्ट तेयार बैठा है।
समस्या यह है कि डाईट प्राचार्य के पास जब फोन हो रहा है कि काम जल्दी खत्म करो तो वो रोने लगते हैं । कि अगर सब लिफाफे ही खोले जायें तब भी तीन दिन लग जायेंगे और आप कहते हैं कि फीडिंग करके मेरिट जारी करो
पूरी उम्मीद है अब पूरा डाटा सुधार होने से रहा , सुधारी वो चीज जायेगी जिससे मेरिट बनेगी । अर्थात् अंक और ज्यादा तो जन्मतिथि और अनुक्रमांक , बाकी सब भूलना ही बेहतर फिलहाल समझो , वो सब काउसिंलिंग में सही कराना
फिलहाल अगस्त माह में एक काउसिंलिंग बिल्कुल तय हो गयी है । वो भी पूरी पुरजोर कोशिशें की पहलिला ही हफ्ता हो
अगर तीन चार दिन आगे पीछे हो जाते हैं तो कुछ ज्यादा नही हैं ।
अगर तीन चार दिन आगे पीछे हो जाते हैं तो कुछ ज्यादा नही हैं ।
जूनियर भर्ती एक्सप्रेस में बैठने का विचार मैंने तो त्याग दिया है। आप सबको आपकी जूनियर भर्ती मुबारक हो । अब मुझे मुकदमों वाली भर्ती में नही जाना , इससे अच्छी मेरी पैसेंजर प्राइमरी है जो सर्वोच्च न्यायालय से हरी झंडी पा चुकी है।
सीसैट परीक्षा में हिंदी और अन्य भाषाओं के साथ होते भेदभाव पर छात्रों ने विरोध्ा स्वरूप पीएम मोदी से पूछा है कि चायवाला पीएम बन सकता है पर डीएम कब बनेगा?
क्या है मामला जानने के लिए क्लिक करें---->http://goo.gl/oAluVi
क्या है मामला जानने के लिए क्लिक करें---->http://goo.gl/oAluVi
Subscribe to:
Comments (Atom)







