अब उच्च स्तरीय सरकारी अमले के पगलाने का समय आ गया है।
अटार्नी जनरल आफ इंडिया के फोन ने सचिव के दिमाग को हाई टेंशन झटका दे दिया है। कि काउसिंलिंग करा लेना तभी मुझसे संपर्क करना , वरना अब मैं आपको नही बचा पांउगा ।
आलम यह है कि महान नशेबाज कल से तीन बार डायमंड लाल को गाली गलौच भरा फोन कर चुके हैं । कि जल्दी कर , जल्दी कर , नही तो समझ ले
डायमंड लाल समझ गया है कि उन्हें सचिव की कुर्सी क्यों दी गयी , भर्ती नही शुरू हुई तो गया काम से , कोर्ट तेयार बैठा है।
समस्या यह है कि डाईट प्राचार्य के पास जब फोन हो रहा है कि काम जल्दी खत्म करो तो वो रोने लगते हैं । कि अगर सब लिफाफे ही खोले जायें तब भी तीन दिन लग जायेंगे और आप कहते हैं कि फीडिंग करके मेरिट जारी करो
पूरी उम्मीद है अब पूरा डाटा सुधार होने से रहा , सुधारी वो चीज जायेगी जिससे मेरिट बनेगी । अर्थात् अंक और ज्यादा तो जन्मतिथि और अनुक्रमांक , बाकी सब भूलना ही बेहतर फिलहाल समझो , वो सब काउसिंलिंग में सही कराना
फिलहाल अगस्त माह में एक काउसिंलिंग बिल्कुल तय हो गयी है । वो भी पूरी पुरजोर कोशिशें की पहलिला ही हफ्ता हो
अगर तीन चार दिन आगे पीछे हो जाते हैं तो कुछ ज्यादा नही हैं ।
जूनियर भर्ती एक्सप्रेस में बैठने का विचार मैंने तो त्याग दिया है। आप सबको आपकी जूनियर भर्ती मुबारक हो । अब मुझे मुकदमों वाली भर्ती में नही जाना , इससे अच्छी मेरी पैसेंजर प्राइमरी है जो सर्वोच्च न्यायालय से हरी झंडी पा चुकी है।